उसमें अनगिनत संभावनाएं है, उसे मत रोको... उड़ने दो उसे...!!!


 #नारी


उसमें अनगिनत संभावनाएं है, 

उसे मत रोको... उड़ने दो उसे, 

इस आकाश में ही तो बसेरा है उसका।

उसे बहने दो न...

नदियां से वो ये हुनर सीख कर आई है।


अरे ! ड़ोर से कटी पतंग है वो, 

उसकी ना जात, ना धर्म, 

ना ही कोई करीबी

जो उसके संग मांझे से कटकर,

यूँ उड़ जाने का हौसला रखता हो।

उसे अकेला ही तय करना है ये सफर,

अब वो अलग है तो अलग ही सही,

तुम क्यों बहती धारा को 

काटने की नाक़ाम कोशिश में हो,

तुम्हारी छोटी सी गागर में, 

पूरा समुद्र समा पायेगा क्या?


बिना मांझे की कटी पतंग को 

कैसे कोई उलझा पायेगा अपनी ड़ोर में?

बड़ी हठी और अल्हड़ है,

शायद वो अपनी मर्ज़ी से ही 

किसी रोज़ किसी छत पर थककर आ गिरे,

पर फिलहाल उसे इस विश्राम की कोई इच्छा नही।

उसे नदी सा कल-कल करते बहना हैं, 

खामोश चार दीवारी में रहना उसे आता ही नही।


उसे बढ़ना है...

एक विशाल पेड़ की तरह,

जिसपे हर दिन नई पत्तियां आएगी।

जिस पर कई रंग-बिरंगी

चिड़ियाएं बसेरा पाएगी।

फिर उन्ही चिड़ियाओं संग

वो पूरा आकाश नापेगी।

उसे आता है मित्रता बढ़ाना, 

क्योकि वो आज की नारी हैं।

अधिक जानकारी के लिए

#womenpower

#girlsrespect 

#NariShakti


♥️♥️♥️

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